दिल के जज़्बात
Friday, 3 April 2015
एक रुमानी शेर
वो मुझसे पूछ रहा था पता ठिकाना मेरा
लकीरें खींचकर एक दिल बना दिया मैंने
डा.कमला सिंह 'ज़ीनत'
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