Thursday, 20 June 2013

यादें

यादें तो बस यादें हैं 
भूली बिसरी बातें हैं 
जिंदगी के कुछ वादें हैं 
जो किस्मत ने बांटे हैं। 

पन्ना जो पलटा यादों का 
मंजर ही था चाहे खवाबों का 
दब गए वक़्त के पासों में 
कुछ जीते रहे मेरी सांसों में।

जो भी था बड़ा ही प्यारा था 
चाहे वो ख्वाब ही सारा था 
जीतें है हम बीतें यादों में 
शामों-सहर वो हमारा था।

यादें तो  बस यादें हैं 
भूली बिसरी बातें हैं।।।

--------------------कमला सिंह 


yaden tho bas yaden hain
bhuli bisri baaten hain 
zindgi ke kuch vaden hai 
jo kismat ne baaten hai .

panna jo pltaa yadon ka 
manjar hi tha chahe khwabon kaa
dab gaye waqt ke pason me 
kuch jite rahe meri sanson me 

jo bhi tha bada hi pyara tha 
chahe vo khwab hi sara tha 
jite hai hum bite yadon me 
shamon sahar vo humara tha 

yaden tho bas yaden hai 
bhuli bisri baten hai 
-------------------------kamla singh 

11 comments:

  1. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति, सुंदर ब्लॉग पर सुंदर प्रस्तुति.

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  2. आपकी यह रचना कल शनिवार (22 -06-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

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  3. अति सुंदर ....!!
    जादू कर देती हैं आप अपनी कलम से...
    वाह वाह एक एक लफ्ज़ दिल को छू गया.!!

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  4. यादें है आखिर. याद आ ही जाते हैं. सुन्दर रचना.

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    1. SHUKRIYA nihar ranjan ji , aabhar

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  5. हर शब्‍द में गहराई, बहुत ही बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

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    1. tahe dil se aabhar ,,, Sanjay ji sadar vande

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  6. बहुत अच्छी यादें! अच्छा लगा यहाँ आपकी रचनाओं को पढ़कर!

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