Tuesday, 14 April 2015

जब क़दम हमने निकाला घर से
सारी नाकामियाँ मरीं डर से
जब उडी़ हौसले का पर लेकर
धूल सब झड़ गयी मेरे पर से
डा.कमला सिंह 'ज़ीनत'

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