दिल के जज़्बात
Thursday, 23 July 2015
चार मिसरे
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जो ज़माने में हाथ मलते हैं
हाँ वही लोग सबसे जलते हैं
तपते सूरज का सामना होते
मोमबत्ती की तरह गलते हैं
कमला सिंह 'ज़ीनत'
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