Saturday, 6 May 2017

मौन संवाद
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उम्मीद का घोडा़
जब घायल होता है
सवार के मन में
खोट उतर आता है
घोडा़ लाख घायल हो
दौड़ जारी रखना ही चाहिये उसे
ज़ख़्मी घोडे़ का सवार
बेमरव्वत बन सकता है
बेदिल निकल सकता है
घोडे़ और सवार के बीच
पुचकार का संवाद
स्वस्थ रहने तक
--कमला सिंह 'ज़ीनत'

11 comments:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" सोमवार 08 मई 2017 को लिंक की गई है............................... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा.... धन्यवाद!

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  2. हृदय को स्पर्श करती पंक्तियाँ।

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  3. यथार्थ को इतनी ख़ूबसूरती के साथ भावों का अधिकतम घनत्व समेटे न्यूनतम शब्दों में सजी रचना बार-बार हमारे अंतःकरण को कचोटती है। बधाई ज़ीनत जी।

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  4. बहुत सुंदर ।

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  5. बहुत सुन्दर

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