दिल के जज़्बात
Thursday, 22 January 2015
चार पंक्तियाँ
जब कभी आँख में आँसू आये
यूँ लगे जैसे कहीं तू आये
काश इक दिन मेरे मुक़द्दर में
ऐ सितमगर तू हू ब हू आये
डा.कमला सिंह 'ज़ीनत'
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment