Wednesday, 23 April 2014

क्यूँ मज़हबों की बात करते हो 
क्यूँ फासला दिन रात करते हो 
करो शुक्रिया उस उपरवाले का 
क्यूँ नफरतों की बरसात करते हो
-------कमला सिंह "ज़ीनत "

11 comments:

  1. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 24-04-2014 को चर्चा मंच पर दिया गया है
    आभार

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  2. सुन्दर प्रस्तुति...

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  3. bahut aabhar aap sabhi sammanniye mahanubhvon ka

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