Friday, 30 August 2013

जीत हिस्से में तू लिख दे,मुझे हारा कर दे
एक बेनूर स्याह टूटा सितारा कर दे 

नाम लिख कर मेरा नफ़रत से मिटा दे ख़त से 
और किस्मत का मेरे दोस्त तू मारा कर दे  

तुम तो रहो मीठा ही ओस की बूंदे बनकर 
आँखों के समन्दर को मेरे खारा कर दे 

ठोकरें खाना लिखा है दर दर तौबा 
थाम कर हाथ मेरा ए दोस्त किनारा कर दे 

तू सलामत रहे ए दोस्त बलाओं से बचे 
रंजो गम जिंदगी के अपने हमारा कर दे  
--------------कमला सिंह 'ज़ीनत' 

ले मुझे ओढ़ के सो जा तू,मुकम्मल हो रात 
फिक्र के जाड़े की ठिठुरन ने जगाया है तुझे 
---------------------------कमला सिंह ज़ीनत 
Le mujhe odh ke so ja tu mukammal ho raat Fikr ke jaade ki thithuran ne jagaya hai tujhe
----------------------kamla singh zeenat

मेरे दहलीज़ पर ए चाँद मुकम्मल तू ठहर
गर नहीं ऐसा हो मुमकिन तो अमावस हो जा
-------------------कमला सिंह ज़ीनत
ere dahleez par aye chaand mukammal tu thahar Gar nahi ayesa ho mumkin to amaawas ho ja
---------------------------------KAMLA SINGH ZEENAT
रात तू मांग मेरे वास्ते कुछ खास ख्याल
मैं ग़ज़ल लिखने को बैठी हूँ कोई शेर बने
-------------------------कमला सिंह ज़ीनत 
Raat tu maang mere waaste kuchch khaas khyaal Main ghazal likhne ko baithi hun koi sher bane
-----------------------------kamla singh zeenat

Thursday, 29 August 2013

आतुर है बरसने को मन का बादल 
तरुनी सी अल्हड़ और चितवन चंचल
सीमा नहीं कोई उसकी बरसने की  
घुमती है बरसने को मनभावन पागल 

दीवानी सी घुमती है ये यहाँ से वहां 
बरसती है फिर घूम कर जहाँ तहां 
दीखती  है इसके दिल की बेचैनी 
होश नहीं इसको इसका भीगता आँचल 
--------------------कमला सिंह ज़ीनत 

Wednesday, 28 August 2013

डाल कर आओ एक शेर उस गूंगे की गर्दन में 
अगर गूंगा नहीं बोल तो मेरा शेर झूठा है 
----------------------------कमला सिंह 'ज़ीनत'
Daal kar aao tum ek sher us guunge ki gardan mein
Agar guunga nahi bola to mera sher jhuutaa hai
-------------------------------------kamla singh zeenat 
पलों की कीमत सदियों के पास भी नहीं 
जिंदगी का बीता पल सदियों तक नहीं
---------------------------कमला सिंह ज़ीनत 
palon ki kimat sadiyon ke pas bhi nahi 
zindgi ka beeta pal sadiyon tak nahi 
------------------------------kamla singh zeenat