Friday, 19 July 2013

जिंदगी होती नहीं मोहताज़ किसी की जीने के लिए 
तरसना तो मौजों को भी पड़ता है रवानी के लिए 
----------------------------कमला सिंह 'जीनत'
वफ़ा को जिंदगी से निकालना होता जो आसान 
इश्क की दुनिया में बनता नहीं फिर शमशान।
----------------------------------कमला सिंह 'जीनत' 
wafa ko zindgi se nikalna hota jo aasan 
ishq ki duniya me phir banta nahi shamshaa
----------------------------------------kamla singh 'zeenat'
19/07/13
बड़ा ही प्यारा हर कदम साथ तेरा, 
कर ले तू जिंदगी में ऐतबार मेरा,
एक बार जो हामी भर दे तू मुझसे, 
सदके में वार दूँ मैं सब कुछ मेरा।
------------------------कमला सिंह 'जीनत' 

bada hi pyara hai har kadam sath tera 
kar le tu zindgi me aitbaar mera ,
ek baar jo hami bhar de tu mujhse 
sadke me vaar dun mai sab kuch meraa 
-------------------------------kamla singh 'zeenat'

लब्ज

सोचा चलो कुछ लब्ज ही बेच आऊं बाज़ार में 
खट्टे मीठे ,अच्छे बुरे सब थे मेरे पास में 
खरीदार भी थे लब्जों के अलग-अलग अंदाज में 
अलग-अलग बयाँ किये सभी ने,अपने ही प्रकार में
कुछ तो बिके,कुछ फेंके गए वापस मुझ पर इस अद्भुत संसार में …. 
चलो 'जीनत' कुछ लब्ज़ ही बेच आऊं बाज़ार में.  
-----------------------------------कमला सिंह 'जीनत' 
                                    १९। ०७ .१३ 

Thursday, 11 July 2013

Zindagi mukhtasar sahi zeenat
Is ko to laakhon baar jeena hai

-----------------कमला सिंह 'जीनत'

चलो आज हौसला बुलंद करते हैं 
तुम्हारी जिद को सलाम करते हैं 
चाहा था तुमने दूर हो जाऊ मैं तुझसे 
लो आज ये रास्ता भी इख़्तियार करते हैं
------------------------------कमला सिंह 'जीनत'

Wednesday, 10 July 2013

जिंदगी से जिंदगी के फासले इस कदर बढ़ गए 
अब तो परछाइयों से मिलने का भी वक़्त नहीं।
----------------------------------कमला सिंह 'जीनत' 

zindgi se zindgi ke fasle is kadar bad gaye 
ab tho parchhiyon se bhi milne ka waqt nahi 
----------------------------------------kamla singh 'zeenat'